Nov 1, 2011

तुम्हारे लिए.


१)
कविता में तुम
या 
तुम से कविता
और मै कहा बीच मे तुम दोनों के ?
आज यही सोच रही हू मै.
 
२)
आज जाना मैंने,
आँसूं नमकीन क्यों  होते है
तुम्हारी यादों से जो गुजर
आ बैठे है इन पलकों मे.

7 comments:

  1. Speechless... This is exceptionally poetic...loved it, second one took my heart away:)

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  2. bahut sunder ...........sab kuch kah gayi shaifali baaton se aur dil ka haal bata gayi ,.......:)

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  3. Wonderfull..kamaal ki creation...kharepan ka bahut uchit kaaran bataya aapne..

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  4. आदरणीया शैफाली जी
    सस्नेहाभिवादन !


    सुंदर और अर्थपूर्ण कविताएं हैं -
    कविता में तुम
    या
    तुम से कविता
    और मै कहां बीच मे तुम दोनों के ?

    बहुत ख़ूब !

    आज जाना मैंने,
    आंसू नमकीन क्यों होते हैं ?

    वाह !

    मन के सुंदर भाव बांटने के लिए आभार ! साधुवाद !

    सुंदर सृजन के लिए बधाई !
    मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आपकी..। पढ़ना बहुत अच्छा लगा.।
    समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,। धन्यवाद ।

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  6. Ah, there's something so beautiful about your writing! I know I'm going to want to look out for more.

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